सँवर्ति जाए जीवन की राहें,
सँवर्ति जाए जीवन की राहें,
सँवर्ति जाए जीवन की राहें।
श्रोंतायों हम आपके लिए लेकर आए है भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारीता मंत्रालय का ये प्रायोजिक साप्ताहिक कार्यक्रम "सँवर्ति जाए जीवन की राहें"
कोई मंजिल नहीं है मुश्किल,
करे वक्त से कदम मिलाये,
शिक्षण और प्रशिक्षण पाना कठिन नहीं है,
हम अपने को योग्य बनाए,
मिल सकती है वे सुविधाएं जो भी चाहें,
सँवर्ति जाए जीवन की राहें, सँवर्ति जाए जीवन की राहें।
नमस्कार श्रोंता, भाई और बहनों एकबार फिर आपका स्वागत करती हूं हमारा ये प्रोग्राम "सँवर्ति जाए जीवन की राहें" सुनने के लिए। कहते है पढायी-लिखायी याने शिक्षा के बिना व्यक्ति अधुरा है, इस कारण व्यक्ति के आर्थिक विकास में भी बाधा आती है। तो श्रोतायों मेरे इन शब्दोंसे आपको ये अनुमान तो हो ही गया होगा के हमारे कार्यक्रम का ये एपिसोड शिक्षा से जुडा है। जींहा बिल्कुल तो भैया ये स्पष्ट रुप से जाने, आज के विषय के बारे में.. (आप पृष्ठभूमि संगीत सुन रहे हो।)
आज का विषय है अनुसूचित जाती के छात्रों के लिए मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा हेतू स्कॉलरशीप की......(आप पृष्ठभूमि संगीत सुन रहे हो।) श्रोतायों स्कॉलरशीप तो हमसब समझते ही है, जींहा छात्रवृत्ति इस स्किम के अंतर्गत छात्रवृत्ति का लाभ मिलता है। कम आयवाले अनुसूचित जाती परिवारों के उन छात्र-छात्रायों को जो मैट्रिक के बाद आगे पढाई जारी रखना चाहते है, तो यैसे लगभग वीस लाख से भी ज्यादा अनुसूचित जाती के छात्र-छात्रायों को मैट्रिक उपरांत शिक्षा में सहाय्यता के लिए स्कॉलरशीप देने की ये स्किम चलायी जा रही है, तो भाई आज हम इस छात्रवृत्ति योजना के बारे में आवश्यक जानकारी प्राप्त करेंगे, लेकिन आगे बढने से पहले थोडा मनोरंजन हो जाए, तो आयीए लेते है एक संगीतमय ब्रेक...
खोलो खोलो दरवाजे परदे करो किनारे,
खुटेसे बंदी है हवा मिलके छुडाओ सारे,
आजाओ पंतग लेके अपनेही रंग लेके,
आसामाका शामियाना आज हमें है सजाता,
क्यों इस कदर हैरान तू मौसम का है, मेहमान तू,
ओ दुनिया सजी तेरे लिए खुदको जरा पहेचान तू,
तू धूप है छमसे बिखर..... (आप पृष्ठभूमि संगीत सुन रहे हो।)
सरोजीनी - कौन है? आती हूं...
विश्वास - नमस्कार सरोजीनी भाभी
सरोजीनी - हां नमस्कार विश्वास भैया आयीए
विश्वास - बधाई हो भाभी झटपट मुँह मीठा कराव आपका कपिल मॅट्रीक में अच्छे नंबरों से पास हुआ है।
सरोजीनी - हां भैयाजी कपिल की कडी मेहनत रंग लायी।
विश्वास - सो तो है बस आगे भी इसीतरह पढता रहे तो उसकी जिंदगी बन जायेगी।
सदाशिव - अरे में पुछता हूं आगे कैसे पढता रहेगा?
विश्वास - आयो सदाशिव भैया प्रणाम।
सदाशिव - जीते रहो। हां तो बतायो ना आगे मेरा बच्चा कैसे पढ पायेगा मतलब पढ़ाई के लिए इतना पैसा कहां से आयेगा?
विश्वास - पर कपिल तो आगे पढना चाहता है ना?
सरोजीनी - हां लेकिन इन्होंने तो साफ-साफ कहे दिया है की, बेटा आमदनी कम है अब आगे पढना संभव नहीं।
सदाशिव - अरे जो सच है वहीं तो कहां ना..
विश्वास - बस सिर्फ इसी वजह से कपील को रोका जा रहा है।
सरोजीनी - हां भैयाजी
सदाशिव - हां हां पैसे के दिक्कत के कारण ही, नहीं तो अपने बेटे को आगे पढाकर मुझे खुशी न होगी भला।
विश्वास - भैया समझो की पैसे की दिक्कत रही ही नहीं।
सदाशिव - ये तू क्या कहे रहा है विश्वास..
सरोजीनी - मैं भी कुछ समझी नहीं भैया
विश्वास - ऐसा है भाभी की अनुसूचित जाती परिवारों के बच्चे मैट्रिक के आगे बिना बाधा के पढ सके इसके लिए सरकारने कईं सालोंसे एक स्किम चला रखी है, जिसका नाम है "मैट्रिक उपरांत उच्च शिक्षा हेतू छात्रवृत्ति योजना"
सदाशिव - अच्छा
विश्वास - हां, अब देखो भैयाजी मेरी आमदनीभी आपके जितनी ही है, फिरभी मेरी बेटी चांदनी मैट्रिक से आगे पढी और बारवीं अच्छे नंबरोसे पास करके आगे डॉक्टरीकी पढाई कर रही है। मालूम है क्यों?
सदाशिव - भला क्यों?
विश्वास - क्योंकी चांदनी को मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति का लाभ मिलने लगा।
सदाशिव - अच्छा भाई ये काम की बात तो तुमने पहले कभी ना बतायी।
विश्वास - अरे अब सही समय पर बतातो रहा हूं। सुनो इस स्किम के अंतर्गत अनुसूचित जाती के मैट्रिक छात्र-छात्रायों को दस जमा दो सिस्टम में ग्यारवीं और बारवीं कक्षा की पढाई के लिए भरण-पोषण भत्ता और पूरी फीज् दि जाती है। मतलब की सभी कोर्सेस के लिए मैन्टेनांस अलाऊंस और फी भी।
सदाशिव - अच्छा
विश्वास - हां, साथी ही बुक बँक की स्किम भी अब इसी स्किम में मिला दि गयी है।
सदाशिव - हां मतलब की किताबे भी मुफ्त में मिलती है भैया?
विश्वास - हां अरे मुझे तो सब अच्छे से मालूम है ना क्योंकी चांदनी इस स्किम का लाभ जो उठा रही है।
सदाशिव - लेकिन भैया बाद की पढायी में तो कईं तरह के कोर्स होते है ना, वो जैसे इंजीनियरिंग, मेडिकल, बिझनेस, कंप्यूटर..
विश्वास - हां और इस स्किम का लाभ हर तरह के कोर्स करनेवाले अनुसूचित जाती के छात्र-छात्रायों को मिलता है। परंतु प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए ये छात्रवृत्ति नहीं दि जाती। इसके लिए भी एक कंडिशन है एक शर्त है।
सदाशिव - वो क्या है?
विश्वास - अनुसूचित जाती के परिवार की सालाना आय एक लाख रुपयों से ज्यादा ना हो।
सदाशिव - हां हमारी आय तो एक लाख रुपये सालाना से कम ही है।
विश्वास - तो फिर आपके कपिल को इस स्किम का लाभ मिलेगा। आप स्कूल के प्रिंसिपल सहाब से मिलो वही इसके लिए आवेदन पत्र भरना होगा।
सदाशिव - भैया तुमने ये बात बताकर हमारी चिंता ही दूर कर दि।
विश्वास - अरे भैया हमारे बच्चे उंची शिक्षा प्राप्त करे, कुछ बने अपनी जिंदगी बनाये और हमारा नाम रोशन करे और हमे क्या चाहिए।
सदाशिव - सो तो है।
सरोजीनी - सच कहे रहे है भैयाजी। (आप पृष्ठभूमि संगीत सुन रहे हो।)
जींहा श्रोता भाई और बहनो हर माता-पिता का ये अरमान होता है की उनके बच्चे पढ-लिखकर कुछ बने और खुब तरक्की करे तो भाई ये अरमान पूरे हो इसके लिए केंद्र सरकार निरंतर प्रयासो में जुठी है। इस स्किम के बारे में कुछ और जानकारी लेते है लेकिन इस संगीतमय ब्रेक के बाद
ना कोई पढनेवाला ना कोई सिखनेवाला, ना कोई पढनेवाला, ना कोई सिखनेवाला,
अपनी तो पाठशाला मस्ती की पाठशाला, अपनी तो पाठशाला मस्ती की पाठशाला.........
अनुसूचित जाती के छात्र-छात्रायों की शिक्षा के लिए मैट्रिक उपरांत छात्रवृत्ति योजना केंद्र सरकार द्वारा चलायी जा रही है। इस योजना में शामिल कोर्स यानि पाठ्यक्रमोंको चार ग्रुपों में बांटा गया है। ग्रुप एक में शामिल कोर्स इसप्रकार है, स्नातक तथा स्नाकोत्तर स्तर के कोर्स इनमें एम् फिल, पीएचडी और पोस्ट डॉक्टरल रिसर्चज भी शामिल है। इनके अलावा मेडिसीन, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, अँग्रीकल्चर, अलाईट सायन्स, मॅनेजमेंट, बिझनेस एडमिनिस्ट्रेशन, कंप्यूटर सायन्स इत्यादि इन कोर्सेस के लिए छात्रावास में रहेनेवाले छात्रों को सात सौ चालीस रुपये एवं अन्य को तीन सौ तीस रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति मिलती है। एक और खास बात अनुसूचित जातीके विकलांग छात्रों को सौ रुपये महिना तक यातायात भत्ता और अधिक विकलांगतावाले छात्रों को सौ रुपये महिना एस्कॉटस् भत्ता मिलता है। यदि किसी छात्रावास का कर्मचारी गंभीर विकलांगतावाले छात्र का सहाय्यक बनता है तो उसे सौ रुपये वेतन भी मिलता है। मानसिक मंदता और मनसिक बीमार छात्र के लिए ये भत्ता देडसौ रुपये महिना दिया जाता है।
ग्रुप दो में शामिल कोर्स है, अन्य व्यवसायिक तथा टेक्निकल स्नातक स्तर के कोर्स जो ग्रुप एक मे शामिल नहीं है। इनके अतिरिक्त ग्रुप दो में शामिल कोर्स है सीए, आयसीडब्ल्यूए, सीएस् वैगरा सभी स्नाकोत्तर स्तर तथा स्नातक स्तर के कोर्स, डिप्लोमा कोर्स और सभी प्रमाणपत्र स्तर के कोर्स। इस ग्रुप में पाच सौ दस रुपये छात्रावास में रहनेवालोंको मिलते है और छात्रावास में नहीं रहनेवालोंको तीन सौ तीस रुपये हर महिने रखरखाव भत्ता दिया जाता है।
ग्रुप तीन में वो सभी स्नातक स्तर तथा स्नाकोत्तर डिगरी स्तर के कोर्स है जो ग्रुप दो में शामिल नहीं है। इस ग्रुप में छात्रावास में रहनेवालों को तीन सौ पचपन रुपये और गैर छात्रावासीयों को एक सौ पच्चासी रुपये प्रतिमहा भत्ता मिलता है।
ग्रुप चार में शामिल कोर्स है मैट्रिक के बाद ग्यारवीं तथा बारवीं कक्षा इंटरमीटेड परिक्षा आदि। आयटीआय तथा अन्य व्यवसायिक कोर्स के लिए दो सौ पैतीस रुपये, छात्रावास में रहनेवालों को एवं गैर छात्रावासीयों को एक सौ चालीस रुपये महिना रखरखाव भत्ता मिलता है। (आप पृष्ठभूमि संगीत सुन रहे हो।)
ये जो देश है तेरा स्वदेश है तेरा,
तुझे है पुकारा ये वो बंधन है जो कभी तुट नहीं सकता,
ये जो देश है तेरा स्वदेश है तेरा,
ये वो बंधन है जो कभी तुट नहीं सकता...
श्रोता भाई और बहनो इस स्किम की और भी कहीं विशेषतायें है जैसे के स्टडी टुवर्डस् चार्जेस, थेसीस टाइपींग या प्रिंटींग चार्जेस तथा पत्राचार पाछ्यक्रमों के लिए बुक ब्रॉन्ड की धनराशी सालाना आधार पर दि जाती है। भाई वाह! क्या बात है, अच्छा अब कौन-कौन छात्र-छात्रायें मैट्रिक उपरांत छात्रवृत्ति स्किम का लाभ उठाना चाहते है? जी हां जरा हाथ खडे करे। ठीक है, ठीक है, भाई आप सबको हमरी बहोत बहोत शुभकामनायें और प्यार। (आप पृष्ठभूमि संगीत सुन रहे हो।)
तो श्रोतायों ये थी आज की कडी और अब बारी है इनामी प्रश्न की, जिसका सही उत्तर हमें प्रतियोगिता पोस्टकार्ड पर भेजकर आप जीत सकते है २०० रुपयों का नगद इनाम, उत्तर हमें एक सप्ताह के अंदर मिल जाना चाहिए। तो नोट करे आजका इनामी प्रश्न, प्रश्न है: मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजनामें शामिल पाठ्यक्रमों को कितने ग्रुप में बाँटा गया है - दो, तीन या चार?
अपने उत्तर हमें इस पते पर भेजे:
सँवर्ति जाए जीवन की राहें
पोस्ट बॅग नम्बर - ३, नई दिल्ली - ११००२४.
अनुसूचित जातीवर्ग के कल्याण से सबंधित यदि आप कोई और जानकारी चाहते है तो संपर्क करे:
संयुक्त सचिव अनुसूचित जाती विकास
सामाजिक न्याय और अधिकारीता मंत्रालय
शास्त्रीभवन, नई दिल्ली - ११०००१.
इसके अलावा मंत्रालय की वेबसाइट www.socialjustice.nic.in पर छात्रवृत्ति से सबंधित विषयों की अधिक जानकारी ली जा सकती है। ये कार्यक्रम आप तक पहुंचा भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारीता मंत्रालय के सौजन्य से, तो अब दिजीए आज्ञा, अगले हप्ते आजही के दिन, आजही के समय हम फिर मिलेंगे कार्यक्रम की अगली कडी लेकर नमस्कार।(आप पृष्ठभूमि संगीत सुन रहे हो।)
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आप कोई और जानकारी चाहते है तो संपर्क करे:
संयुक्त सचिव अनुसूचित जाती विकास
सामाजिक न्याय और अधिकारीता मंत्रालय
शास्त्रीभवन, नई दिल्ली - ११०००१.
अथवा
प्रबंध निर्देशक राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी
वित्तं एवं विकास निगम लिमिटेड
बी - २, ब्रीजकैलाश - १, नई दिल्ली - ११००४८.
इसके अलावा मंत्रालय की वेबसाइट www.socialjustice.nic.in पर भी जानकारी ली जा सकती है।
श्रोतायों ये कार्यक्रम आप तक पहुंचा भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारीता मंत्रालय के सौजन्य से, तो अब दिजीए आज्ञा, अगले हप्ते आजही के दिन, आजही के समय हम फिर मिलेंगे कार्यक्रम की अगली कडी लेकर नमस्कार।
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