निःशक्त व्यक्तियों को निजी क्षेत्र में रोजगार प्रदान करने के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहन।
संख्या 2-4/2007-डीडी-III (खंड - II)
भारत सरकार
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
(निःशक्त प्रभाग)
शास्त्री भवन, नई दिल्ली
दिनांक २६ फरवरी, २००८
सेवा में
- भारत सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों के सचिव
- सभी राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों के मुख्य सचिव
- सभी राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों के निःशक्तता मामलों के प्रभारी सचिव/सचिव (उद्योग)
- सभी राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों के राज्य आयुक्त (निःशक्त व्यक्ति)
- सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय संस्थान अन्य सभी संगठन
- सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र
- महासचिव, पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉर्म्स एंड इंडस्ट्री, पीएचडी हाऊस, ४/२, श्री इंडस्ट्रियल एरिया, अगस्त क्रांति मार्ग, नई दिल्ली।
- महासचिव, एएसएसओसीएचएएम, १, कम्युनिटी सैंटर, जमरुदपुर, कैलाश कॉलोनी, नई दिल्ली।
- महानिदेशक, सी II, द मन्तोष सोंधी सैंटर, २३, इंस्टीट्यूशनल एरिया, लोधी रोड, नई दिल्ली।
- महासचिव, एफआईसीसीआई, फेडरेशन हाऊस, तानसेन मार्ग, नई दिल्ली।
- निःशक्ताता क्षेत्र में कार्यरत सभी गैर-सरकारी संगठन।
विषय: निःशक्त व्यक्तियों को निजी क्षेत्र में रोजगार प्रदान करने के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहन।
महोदय/महोदया,
मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निःशक्त व्यक्तियों के पुनर्वास का अति महत्वपूर्ण पहलू उनका आर्थिक पुनर्वास है जिसे स्व-रोजगार अथवा रोजगार प्रदान करके प्राप्त किया जा सकता है। सरकार व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके और राष्ट्रीय विकलांग वित्तं एवं विकास निगम के माध्यम से रियायती दरों पर ऋण प्रदान करके निःशक्त व्यक्तियों के लिए स्व-रोजगार को प्रोत्साहन देती रही है। सरकार में निःशक्त व्यक्तियों का रोजगार आरक्षण के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाता है। निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, १९९५ की धारा ३३ में निजी क्षेत्र के उपक्रमों सहित सरकार के प्रतिष्ठानों में अभिनिर्धारित पदों (दृष्टिहीन अथवा न्यून दृष्टि वाले व्यक्तियों, श्रवण बाधिता और चलने फिरने की निःशक्तता अथवा प्रमस्तिष्क अंगघात से पीडित व्यक्तियों के लिए प्रत्येक वर्ग के लिए एक प्रतिशत) की रिक्तियों में तीन प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। विस्तृत हो रहे निजी क्षेत्र में निःशक्त व्यक्तियों के रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए यह तय किया गया है कि निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाए।



