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एम.फिल और पीएच.डी. जैसी उच्चतर शिक्षा में शोध कार्य करने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए 'राजीव गांधी राष्ट्रीय छात्रवृत्ति' की केन्द्रीय क्षेत्र योजना

I. सामान्य

यह योजना वर्ष २००५-०६ से आरंभ की गयी है और इसके अंतर्गत अनुसूचित जाति के उन छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रावधान है जो एम.फिल., पीएच.डी. तथा विश्वविद्यालयों; अनुसंधान संस्थाओं तथा वैज्ञानिक संस्थाओं में समकक्ष शोध डिग्री के लिए शोध अध्ययन कर रहे हैं।

II. कार्यान्वयन अभिकरण

इस योजना के कार्यान्वयन के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) एक नोडल अभिकरण है।

III. यूजीसी के विज्ञापन के अनुसार योजना के प्रावधान के अंतर्गत, अनुसूचित जाति श्रेणी का कोई भी छात्र जो किसी विश्वविद्यालय अथवा शैक्षणिक संस्था में एम.फिल. / पीएच.डी. में प्रवेश पा चुका हो।

यदि प्रवेश पा चुके छात्र के शोध कार्य में प्रगति संतोषजनक पायी गयी तो दो वर्ष के बाद, वरिष्ठ शोध छात्रवृत्ति (एस.आर.एफ.) के रुप में, उसकी अवधि आगामी तीन वर्षों क लिए बढा दी जाएगी। शोध कार्य का मूल्यांकन विश्वविद्यालय द्वारा गठित एक तीन सदस्यीय समिति द्वारा किया जाएगा। यदि समिति द्वारा छात्र की प्रगति संतोषजनक नहीं पायी गयी तो कनिष्ठ शोध छात्रवृत्ति (जे.आर.एफ.) समाप्त कर दी जाएगी। जे.आर.एफ. और एस.आर.एफ. की कुल अवधि ५ वर्ष से अधिक नहीं होगी। छात्रवृत्ति छात्र के पीएच.डी. / एम.फिल. कोर्स में पंजीकरण की तारीख से दी जाएगी।

छात्रवृत्ति के लिए एक बार चुने गए अनुसूचित जाति के छात्र समान लाभ देने वाले केन्द्र या राज्य सरकार एथवा किसी अन्य निकाय जैसे की यूजीसी से किसी भी अन्य लाभ के लिए हकदार नहीं होगा ताकि पुनरावृत्ति से बचा जा सके और कवरेज को बढाय जा सके। किसी विश्वविद्यालय / अनुसंधान संस्था के केवल वही छात्र छात्रवृत्ति

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