पत्नी - अच्छा जी, तो बुढापे में शादी के विज्ञापन पढ रहे हो।

पती - छपा है । सुशिल बहु चाहिए, लडका विकलांग है।

इंटरनेट कँफे चलाता हे और मासिक आय है दस हजार से उपर। व्हा!

पत्नी - तो जाकर पता करो, अगर सबकुछ ठीक हो तो क्यों न हम अपनी ही बेटी को ब्याह दे?

भारत सरकार के विकलांगो के सहाय्यता निती के तेहेत हजारो विकलांग

आम नागरिक की तरह जीवन बिता रहे है।

संपर्क करें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, शास्त्रीभवन, नई दिल्ली।